ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी? उपभोक्ता फोरम में शिकायत कैसे करें – पूरी प्रक्रिया
June 13, 2026
आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग हम सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। सुविधा तो बहुत है, लेकिन कभी-कभी यह परेशानी का कारण भी बन जाती है। क्या आपके साथ ऐसा हुआ है?
👉 गलत प्रोडक्ट मिला
👉 टूटा हुआ सामान आया
👉 रिफंड के नाम पर कंपनी ने मना कर दिया
यदि हाँ, तो निराश न हों। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत आपको पूरे कानूनी अधिकार हैं। एक उपभोक्ता के रूप में आप उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत दर्ज करने के 3 आसान चरण
1. सबूत सुरक्षित रखें (Evidence)
कानूनी प्रक्रिया पुख्ता सबूतों से शुरू होती है। ये चीज़ें जरूर संभालें:
· ऑर्डर कन्फर्मेशन ईमेल / मैसेज
· पेमेंट रसीद या ट्रांजैक्शन ID
· प्रोडक्ट के साथ मिली इनवॉइस
· गलत/खराब प्रोडक्ट की फोटो या वीडियो
· कस्टमर केयर से हुई चैट या कॉल रिकॉर्डिंग
2. कंपनी को कानूनी नोटिस भेजें
सीधे कोर्ट जाने से पहले कंपनी को लिखित शिकायत (ईमेल + पोस्ट) भेजें। समस्या का समाधान या रिफंड माँगें।
📌 अगर 15-30 दिन में जवाब न मिले – तो यह आपकी कानूनी कार्रवाई का मजबूत आधार बनेगा।
3. E-Daakhil पोर्टल से घर बैठे करें शिकायत
सरकार का E-Daakhil (https://edaakhil.nic.in) पोर्टल पूरी तरह डिजिटल है। अब लंबी कतारों की जरूरत नहीं – बस ऑनलाइन फॉर्म भरें, सबूत अपलोड करें और शिकायत दर्ज करें।
क्या आप जानते हैं? 5 करोड़ रुपये तक के दावे जिला फोरम में, उससे अधिक राज्य या राष्ट्रीय फोरम में दायर किए जा सकते हैं। शिकायत की समयसीमा आमतौर पर 2 साल है।
कब लें एडवोकेट की मदद?
आप स्वयं भी केस लड़ सकते हैं, लेकिन यदि मामला:
· बिल्डर से जुड़ी धोखाधड़ी,
· बड़ी बीमा कंपनी की गलती,
· या बहुत बड़ी आर्थिक हानि (1 लाख+ रु.) का हो
तो कानूनी बारीकियाँ समझना जरूरी है। सही ड्राफ्टिंग और कोर्ट में पेशी का तरीका आपकी जीत की संभावना कई गुना बढ़ा देता है।
याद रखें
आपकी चुप्पी कंपनियों को गलत करने का हौसला देती है। जागरूक बनें, आवाज उठाएँ।
लेखक / परामर्शदाता
Amardeep Jaiswal, Advocate High Court of Madhya Pradesh
यदि आप इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं या किसी कानूनी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आप नीचे दिए गए Link के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
Disclaimer: This article is for educational purposes only and should not be considered legal advice.
अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी कानूनी मामले के लिए कृपया उचित परामर्श लें।