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Monday, 19 October 2026   |   Edition 292
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Today’s Lead Legal Insight

IBC की धारा 7 में डिफॉल्ट का सारांश परीक्षण और Information Utility रिकॉर्ड का साक्ष्य-मूल्य

IBC की धारा 7 के admission चरण पर परीक्षण सारांश है और डिफॉल्ट दस्तावेजी सामग्री के आधार पर संभावनाओं के संतुलन से स्थापित किया जा सकता है। डिफॉल्ट का घटित होना और बकाया ऋण की सटीक मात्रा तय करना अलग प्रश्न हैं; हर लेखा-प्रविष्टि का अंतिम मिलान admission की पूर्वशर्त नहीं है। Information Utility का authenticated Record of Defaul…
By Advocate Amardeep Jaiswal 17 Oct 2026 Independent legal information
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More from the Legal Desk

Recent judgments, legal explainers and practical law notes

निर्माणाधीन फ्लैट का पैसा लौटाते समय ऋणदाता बैंक के धन और खरीदार के अपने भुगतान में अंतर करना होगा: माननीय सुप्रीम कोर्ट

खरीदार को अपने धन से किए गए ₹1,27,34,726 के भुगतान पर प्रत्येक भुगतान की तारीख से 12% वार्षिक साधारण ब्याज मिलेगा। ऋण से बिल्डर को दी ग…

By Advocate Amardeep Jaiswal

धर्मांतरण से मुस्लिम पिछड़ा वर्ग की विशिष्ट समुदाय-सदस्यता स्वतः नहीं मिलती: तमिलनाडु का G.O. निरस्त

इस्लाम में धर्मांतरण अपने-आप Labbai या किसी अन्य अधिसूचित मुस्लिम पिछड़ा वर्ग समुदाय की सदस्यता सिद्ध नहीं करता। पूर्ववर्ती सामाजिक पिछ…

By Advocate Amardeep Jaiswal

मध्यस्थता में ब्याज पर संविदात्मक रोक: Clause 26 का “or otherwise” व्यापक निषेध है

Section 31(7)(a) के तहत मध्यस्थ की pre-award interest देने की शक्ति पक्षकारों के विपरीत संविदात्मक समझौते से सीमित हो सकती है। “Or othe…

By Advocate Amardeep Jaiswal

निष्पादन में तीसरे पक्ष की बाधा: दावे का निर्णय पूर्ण जांच के बाद करना होगा

कब्जे की डिक्री के निष्पादन का प्रतिरोध करने वाले तीसरे पक्ष की आपत्ति Order XXI Rule 97 के तहत विचारणीय हो सकती है। आवेदन में गलत प्रक…

By Advocate Amardeep Jaiswal

Legal Insights Archive

54 published legal articles

YES BANK के AT-1 बॉन्ड: पुनर्निर्माण योजना में प्रावधान हटने के बाद Administrator उन्हें लिख नहीं सकता था

अंतिम Reconstruction Scheme में AT-1 बॉन्ड लिखने का प्रावधान न हो, तो सामान्य savings clause से Administrator को वह विशिष्ट शक्ति नहीं मिलती। Mas…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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विश्वविद्यालय की रिकॉर्ड-त्रुटि से छात्र को शैक्षणिक सत्यापन से वंचित नहीं किया जा सकता: माननीय सुप्रीम कोर्ट

विश्वविद्यालय की अपनी प्रशासनिक या लिपिकीय चूक का प्रतिकूल परिणाम उस छात्र पर नहीं डाला जाना चाहिए जिसकी उसमें कोई भूमिका नहीं थी। प्रवेश और पाठ्…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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PMLA मामले में लंबी हिरासत और विलंबित सुनवाई के आधार पर जमानत; Section 19(2) में पाँच दिन की देरी से गिरफ्तारी स्वतः अवैध नहीं

Section 19(2) में सामग्री भेजने की कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है। “Immediately” का अर्थ इस निर्णय में 24 घंटे की अनिवार्य समय-सीमा नहीं…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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IBC की धारा 62 के तहत अपील की समय-सीमा: प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन से पहले की देरी भी गिनी जाएगी

IBC की धारा 62 के तहत अपील की मूल परिसीमा 45 दिन है; पर्याप्त कारण होने पर अधिकतम 15 दिन की देरी माफ की जा सकती है। प्रमाणित प्रति प्राप्त होने क…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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सार्वजनिक नीलामी में पुरानी ऊँची बोली अपने-आप नई बोली का न्यूनतम मूल्य नहीं: माननीय सुप्रीम कोर्ट

सरकारी निविदा में H1 स्थिति अपने-आप अनुबंध का अधिकार नहीं देती, लेकिन बोली अस्वीकार करने का विवेकाधिकार Article 14 के अधीन है। पुरानी बोली नई नील…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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व्यावसायिक पाठ्यक्रम की फीस सामान्यतः प्रवेश से पहले तय हो; बीच में बदलाव केवल असाधारण परिस्थितियों में: माननीय सुप्रीम कोर्ट

फीस निर्धारण में छात्रों की वित्तीय निश्चितता, संस्थान की वैध वित्तीय जरूरतों और नियामक हित का संतुलन आवश्यक है। फीस निर्धारण समितियों को संस्थाग…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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अवमानना कार्यवाही में एकल न्यायाधीश के आदेश के विरुद्ध Special Appeal: माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया अपील कब उपलब्ध हो सकती है

Section 19(1), Contempt of Courts Act, 1971 के तहत अपील contempt के लिए दंड देने वाले आदेश के विरुद्ध उपलब्ध होती है। Contempt कार्यवाही में मूल…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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दहेज की FIR दर्ज हो गई तो क्या करें? 498A/BNS 85 में गिरफ्तारी, अग्रिम जमानत और FIR रद्द कराने के कानूनी विकल्प

दहेज उत्पीड़न की FIR में पति, माता-पिता या अन्य रिश्तेदारों का नाम आने पर सबसे पहली चिंता होती है—क्या पुलिस तुरंत गिरफ्तार करेगी? जमानत कैसे मिल…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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12 साल का कब्जा: मालिकाना हक कब बनता है? प्रतिकूल कब्जे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से समझें

जमीन और मकान के विवादों में अक्सर कहा जाता है—“हम 12 साल से काबिज हैं, इसलिए अब मालिक हम हैं।” दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के **Mahnoor Fatima Imran…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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MACT दावा कहाँ दायर करें? सुप्रीम कोर्ट का नया निर्णय—बीमा कंपनी के कार्यालय से अपने-आप क्षेत्राधिकार नहीं बनता

मोटर दुर्घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति और उसके परिवार के सामने इलाज, आय की हानि और न्याय पाने की कठिनाई एक साथ खड़ी होती है। मुआवजे के लिए मोटर दुर्…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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1930 पर शिकायत के बाद साइबर फ्रॉड का पैसा कैसे वापस मिलेगा? 2026 Money Restoration प्रक्रिया

संक्षिप्त परिचय (Excerpt): साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज होने और ठगी की रकम किसी खाते में Hold होने के बाद भी वह पैसा पीड़ित के खाते में अपने आप वाप…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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पुराने कब्जे, सीमा-विवाद और पड़ोसी की तोड़फोड़ पर कानूनी उपाय

समस्या क्या है? पुराने शहरी मकानों में अक्सर दोनों संपत्तियाँ एक ही मूल विक्रेता से अलग-अलग समय पर खरीदी गई होती हैं। कई दशक बाद, जब एक पड़ोसी अप…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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साइबर क्राइम में बैंक अकाउंट पर होल्ड (Freeze) क्यों लगता है? जानें कानूनी धाराएं और अनफ्रीज़ कराने की पूरी प्रक्रिया

डिजिटल इंडिया के इस दौर में यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट्स ने लेनदेन को बहुत आसान बना दिया है। लेकिन इसके साथ ही साइबर धोखाधड़ी (Cyb…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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रेलवे दुर्घटना में टिकट न मिले तो भी मिल सकता है मुआवजा: कलकत्ता हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय

Library / railway-accident-compensation-calcutta-high-court-blog.md रेलवे दुर्घटना में टिकट न मिले तो भी मिल सकता है मुआवजा: कलकत्ता हाई कोर्ट का…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले आरोपी को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य

*Parvinder Singh v. Directorate of Enforcement— 2026 INSC 519** भारतीय आपराधिक न्याय व्यवस्था में **निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial)** के अधिकार को म…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या गवाह को दोबारा Cross-Examine कर सकते हैं? Supreme Court का फैसला | Order 18 Rule 17 CPC

⚖️ क्या गवाह को दोबारा बुलाकर Cross-Examination की जा सकती है? Supreme Court का बड़ा फैसला – Order XVIII Rule 17 CPC की पूरी कानूनी स्थिति क्या क…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अब हर दोषसिद्धि के खिलाफ अपील नहीं होगी! जानिए कब केवल Revision ही होगा एकमात्र कानूनी उपाय

भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में अपील (Appeal) और रिवीजन (Revision) दो अलग-अलग कानूनी उपचार (Legal Remedies) हैं। लंबे समय से यह विवाद बना हुआ था…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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मानहानि (Defamation) क्या है? इसके प्रकार, कानून और बचाव – एक विस्तृत कानूनी मार्गदर्शिका

​अक्सर हम अखबारों में पढ़ते हैं या न्यूज़ में सुनते हैं कि किसी व्यक्ति ने अपनी प्रतिष्ठा खराब होने पर दूसरे व्यक्ति पर 'मानहानि' का दावा ठोक दिय…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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आवश्यक वस्तु अधिनियम (E.C. Act) की धारा 3/7 और अग्रिम जमानत: एक विस्तृत कानूनी विश्लेषण

आवश्यक वस्तु अधिनियम (E.C. Act) की धारा 3/7: खाद की कालाबाजारी और अग्रिम जमानत के कानूनी प्रावधान लेखक: एडवोकेट अमरदीप जायसवाल (उच्च न्यायालय मध्…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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BNS और नई कानूनी व्यवस्था: क्या अब FIR Quashing और जमानत लेना और भी कठिन हो गया है?

भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के आने के बाद देश की पूरी कानूनी तस्वीर बदल गई है।…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या आपकी सोशल मीडिया रील आपको बार काउंसिल से निलंबित करवा सकती है?

कानूनी पेशा भारत में कोई साधारण पेशा नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली का एक पवित्र स्तंभ है। हाल ही में, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने 17 जुलाई 2026 को…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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जब 70% शारीरिक विकलांगता बनी 100% आर्थिक अक्षमता: सुप्रीम कोर्ट का एक ऐतिहासिक फैसला

कानूनी पेशे में, विशेषकर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के मामलों में, अक्सर हम देखते हैं कि अदालतें मेडिकल बोर्ड द्वारा दी गई 'शारीरिक विकलांग…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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मनी म्यूल स्कैम: क्या आप भी 'ईज़ी मनी' के चक्कर में फंस रहे हैं?

आजकल हर कोई ईएमआई (EMI), किराए और महंगी दवाइयों के खर्चों से परेशान है। ऐसे में अगर कोई आपसे कहे कि सिर्फ अपना बैंक अकाउंट डिटेल्स शेयर करके आप घ…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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कानूनी रूप से नाम परिवर्तन कैसे करें: 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और दस्तावेजों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

किसी भी व्यक्तिगत या कानूनी कारण से नाम बदलना एक महत्वपूर्ण निर्णय है। अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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बच्चे की गवाही क्या कोर्ट में मान्य है? | Child Witness Law in India Explained

भारतीय समाज में यह धारणा आम है कि “बच्चे झूठ नहीं बोलते”, लेकिन अदालतें केवल भावनाओं पर नहीं बल्कि साक्ष्य और कानून के आधार पर निर्णय लेती हैं। ऐ…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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मध्य प्रदेश की अदालतों में ऐतिहासिक बदलाव: ई-साक्ष्य प्रणाली लागू, अब डिजिटल सबूतों की प्रक्रिया होगी तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी

मध्य प्रदेश में ई-साक्ष्य प्रणाली लागू होने से डिजिटल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और ऑडियो को अदालतों में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पेश करना आसान…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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मरने का अधिकार: मानवाधिकार या सामाजिक बहस?

जीवन का अधिकार (Right to Life) किसी भी व्यक्ति का सबसे अहम और बुनियादी अधिकार है। दुनिया भर के संविधान और कानून इसकी रक्षा करते हैं। पर पिछले दशक…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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ज़मीन के बंटवारे की कानूनी प्रक्रिया: मध्यप्रदेश के संदर्भ में संपूर्ण मार्गदर्शन

संपत्ति को हमेशा से सबसे मूल्यवान संपदा माना जाता है, लेकिन जब एक ही संपत्ति के एक से अधिक मालिक (Co-owners) होते हैं, तो बंटवारे (Partition) की…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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आधार कार्ड में एड्रेस अपडेट कैसे करें? जानिए पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज़ और जरूरी जानकारी

आज के समय में आधार कार्ड भारत के हर नागरिक के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज़ है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, मोबाइल कनेक्शन, पासपोर्ट, टैक्स और क…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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चेक बाउंस (Cheque Bounce): धारा 138 NI Act की समय-सीमा और इसका कानूनी महत्व

व्यापार और लेन-देन में चेक (Cheque) का उपयोग एक आम बात है, लेकिन जब कोई चेक बाउंस हो जाता है, तो यह एक गंभीर कानूनी समस्या बन सकता है। नेगोशिएबल…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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नशा और अपराध: क्या नशे में किया गया कृत्य अपराध है? (BNS की धारा 23 और 24 का विश्लेषण)

अक्सर आपराधिक मामलों में यह सवाल उठता है कि क्या नशे की हालत में किया गया कोई कार्य (act) अपराध की श्रेणी में आता है? क्या नशे को ढाल बनाकर कोई व…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या बैंक का 'ट्रांसफर आदेश' सेवा है या प्रताड़ना? अपने अधिकारों को समझें

क्या आपको एक ही दिन में दो बार ट्रांसफर आदेश मिला है? क्या आपको बिना किसी उचित कारण के दूर-दराज के ऐसे इलाके में भेज दिया गया है जहाँ न भाषा का आ…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी? उपभोक्ता फोरम में शिकायत कैसे करें – पूरी प्रक्रिया

आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग हम सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। सुविधा तो बहुत है, लेकिन कभी-कभी यह परेशानी का कारण भी बन जाती है। क्या आपक…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या सोशल मीडिया पर बदनामी अपराध है? जानिए BNS और IT एक्ट के नियम

सोशल मीडिया और मानहानि (Defamation): डिजिटल युग में आपकी प्रतिष्ठा की कानूनी सुरक्षा आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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वकालत में सर्वाधिक आय देने वाले 7 प्रैक्टिस एरियाज़ (Top High-Paying Practice Areas in Law)

वकालत केवल एक पेशा नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव और सही विशेषज्ञता के आधार पर आगे बढ़ने वाला एक प्रतिष्ठित करियर है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में के…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या DRT आपकी संपत्ति नीलाम कर सकता है? सच्चाई और बचाव के उपाय

हाँ, कानूनन आपकी संपत्ति नीलाम हो सकती है—लेकिन यह कहना कि “बैंक कभी भी, जैसे चाहे, तुरंत आपकी property बेच देगा” गलत और भ्रामक है। सही कानूनी स्…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या DRT नोटिस मिलने पर जेल हो सकती है? सच्चाई, भ्रम और पूरी कानूनी स्थिति

यदि आपको DRT का notice मिला है, तो सबसे पहले घबराने के बजाय यह समझिए कि केवल notice मिलना जेल जाने का संकेत नहीं है। DRT एक recovery forum है, cr…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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यदि DRT का फैसला आपके खिलाफ हो, तो क्या करें? आगे की कानूनी राह

यदि DRT का फैसला आपके खिलाफ आया है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन देरी करना बेहद खतरनाक हो सकता है। DRT का adverse order अंतिम सत्य नहीं ह…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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यदि बैंक ने आपको DRT का नोटिस भेजा है, तो क्या करें? (महत्वपूर्ण कानूनी कदम)

अक्सर जब कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेता है और किन्हीं कारणों से उसे नहीं चुका पाता, तो बैंकों की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाती है। 'डेट रिकवरी…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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DRT (Debt Recovery Tribunal) क्या है और यह कैसे काम करता है? (एक शुरुआती गाइड)

आज के समय में बैंकिंग और लोन से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं आम आदमी के लिए काफी उलझी हुई हो सकती हैं। यदि आपने लोन लिया है और किसी कारणवश उसे नहीं चु…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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वसीयत (Will) को कानूनी रूप से कैसे चुनौती दें? जानें महत्वपूर्ण प्रक्रिया और आधार

वसीयत एक कानूनी दस्तावेज है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति के बंटवारे की इच्छा व्यक्त करता है। पंजीकरण (Registration…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) क्या है और यह कब मिल सकती है?

अक्सर हम अखबारों में पढ़ते हैं या न्यूज़ में सुनते हैं कि किसी व्यक्ति पर FIR दर्ज हुई, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई क्योंकि उसने कोर्ट स…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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हर आम आदमी को जानने चाहिए भारत के ये 5 मुख्य कानून

कानून की जानकारी सिर्फ वकीलों के लिए ही नहीं, बल्कि हर आम नागरिक के लिए भी बेहद जरूरी है। सही कानूनी जानकारी होने से आप न सिर्फ अपने अधिकारों की…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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वकीलों के लिए डिजिटल क्रांति: जानिए vakeelsahab.in की विशेषताएं और 100% मुफ्त सदस्यता के लाभ

आज का दौर डिजिटल क्रांति का है। डॉक्टर से लेकर रिटेल बिजनेस तक, हर क्षेत्र ऑनलाइन शिफ्ट हो चुका है। ऐसे में कानूनी प्रैक्टिस (Legal Practice) को…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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क्या पुलिस आपका फोन चेक कर सकती है? डिजिटल युग में नागरिकों के मौलिक अधिकार और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस

आज के डिजिटल दौर में हमारा मोबाइल फोन सिर्फ एक संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी पूरी निजी जिंदगी की तिजोरी है। इसमें हमारे चैट्स, निजी तस्…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और सुप्रीम कोर्ट की 'रोमियो-जूलियट क्लॉज' पर ऐतिहासिक चर्चा

पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act, 2012) को बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बेहद सख्त प्रावधानों के साथ बनाया गया था। इस कानून के तहत…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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घरेलू हिंसा अधिनियम 2005: महिलाओं के अधिकार और कानूनी सुरक्षा

घरेलू हिंसा (Domestic Violence) केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक प्रताड़ना भी शामिल है। महिलाओं को उ…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: डिजिटल युग में 'निजता का अधिकार' सर्वोपरि

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि डिजिटल युग में नागरिकों की 'निजता का अधिकार' (Right to Privacy) एक म…

By Advocate Amardeep Jaiswal
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