Vakeel Sahab - India's Legal Network
← Back to Insights

कानूनी रूप से नाम परिवर्तन कैसे करें: 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और दस्तावेजों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

July 02, 2026

किसी भी व्यक्तिगत या कानूनी कारण से नाम बदलना एक महत्वपूर्ण निर्णय है। अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और अन्य सरकारी दस्तावेजों में नाम बदलवाने की प्रक्रिया की शुरुआत कहाँ से करें। यह ब्लॉग आपको नाम परिवर्तन की पूरी कानूनी प्रक्रिया को सरल चरणों में समझाएगा।
​चरण 1: नाम परिवर्तन का हलफनामा (Affidavit) तैयार करवाना
​प्रक्रिया की शुरुआत एक कानूनी दस्तावेज से होती है जिसे 'एफ़िडेविट' कहते हैं।
​अपने नजदीकी कोर्ट में जाकर एक नोटरी पब्लिक के सामने शपथ पत्र (Affidavit) बनवाएं।
​इसमें अपना पुराना नाम, नया नाम, पिता का नाम, पूरा पता और नाम बदलने का ठोस कारण स्पष्ट रूप से लिखें।
​इस एफ़िडेविट को नॉन-जुडिशियल स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करवाकर नोटरी से सत्यापित (Verify) करवाना अनिवार्य है।
​चरण 2: समाचार पत्र में विज्ञापन (Newspaper Publication)
​एफ़िडेविट बनवाने के बाद, आपको सार्वजनिक रूप से इसकी सूचना देनी होती है। इसके लिए आपको दो समाचार पत्रों में विज्ञापन देना होगा:
​पहला समाचार पत्र: एक स्थानीय भाषा (हिंदी या क्षेत्रीय भाषा) का समाचार पत्र।
​दूसरा समाचार पत्र: एक अंग्रेजी का राष्ट्रीय समाचार पत्र।
​विज्ञापन में पुराना नाम, नया नाम, एफ़िडेविट की तारीख और नोटरी का विवरण होना चाहिए। विज्ञापन छपने के बाद कम से कम 4-5 प्रतियाँ संभाल कर रखें।
​चरण 3: सेंट्रल गजट (Gazette) में अधिसूचना - सबसे महत्वपूर्ण चरण
​नाम को कानूनी रूप से पूरे देश में मान्य बनाने के लिए 'भारत सरकार के राजपत्र' (Official Gazette) में प्रकाशन करवाना सबसे जरूरी कदम है।
​इसके लिए आपको 'डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिकेशन' (दिल्ली) में आवेदन करना होता है।
​आवश्यक दस्तावेज: ओरिजिनल एफ़िडेविट, दोनों समाचार पत्रों की मूल प्रतियां, भरा हुआ आवेदन फॉर्म, दो गवाहों के हस्ताक्षर, पासपोर्ट साइज फोटो और एक डिजिटल सीडी जिसमें नए नाम का विवरण हो।
​आवेदन स्वीकृत होने के बाद, आपका नाम सरकारी गजट में प्रकाशित हो जाएगा, जिसे आप ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे।
​चरण 4: शिक्षा बोर्ड (10वीं और 12वीं मार्कशीट) में सुधार
​गजट नोटिफिकेशन मिलने के बाद आप अपने एजुकेशन बोर्ड में नाम बदलने के लिए पात्र हो जाते हैं।
​अपने संबंधित स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य के माध्यम से आवेदन करें या सीधे बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क करें।
​आवेदन के साथ गजट नोटिफिकेशन की कॉपी, एफ़िडेविट और मूल मार्कशीट संलग्न करें। बोर्ड दस्तावेजों की जांच के बाद नए नाम के साथ संशोधित मार्कशीट जारी कर देगा।
​चरण 5: अन्य दस्तावेजों में नाम अपडेट करवाना
​नया नाम और गजट कॉपी हाथ में आने के बाद अन्य दस्तावेजों में बदलाव आसान हो जाता है:
​आधार और पैन कार्ड: यूआईडीएआई (UIDAI) सेंटर और एनएसडीएल/यूटीआईआईटीएसएल (NSDL/UTIITSL) पोर्टल पर गजट कॉपी अपलोड करके आप नाम अपडेट करवा सकते हैं।
​बैंक और अन्य: अपनी बैंक शाखा में केवाईसी (KYC) अपडेट फॉर्म भरें। पासपोर्ट और वोटर आईडी के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल पर 'सुधार' या 'री-इश्यू' का विकल्प चुनें।
​इस संपूर्ण प्रक्रिया का कुल खर्च
​नाम बदलने की इस कानूनी प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर शुल्क लगता है। इसमें एफ़िडेविट शुल्क, नोटरी चार्ज, समाचार पत्र विज्ञापन की फीस, सेंट्रल गजट की सरकारी फीस, शिक्षा बोर्ड की मार्कशीट सुधार शुल्क और यदि आप किसी कानूनी विशेषज्ञ या कंसल्टेंट की मदद लेते हैं, तो उनके परामर्श शुल्क को मिलाकर इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम खर्च ₹5,000 से ₹15,000 तक आ सकता है। यह खर्च इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप विज्ञापनों के लिए कौन से समाचार पत्र चुनते हैं और आपके बोर्ड की फीस क्या है।

लेखक / परामर्शदाता

Amardeep Jaiswal, Advocate High Court of Madhya Pradesh

यदि आप इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं या किसी कानूनी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आप नीचे दिए गए Link के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

View My VakeelSahab Profile Connect on Google

Disclaimer: This article is for educational purposes only and should not be considered legal advice.

अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी कानूनी मामले के लिए कृपया उचित परामर्श लें।