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04 November 2026
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कंपनी का cheque bounce हो तो director और signatory कब जिम्मेदार होते हैं?

कंपनी के cheque में सभी directors अपने पद के कारण स्वतः आरोपी नहीं बनते। धारा 138 की शर्तें, कंपनी को पक्षकार बनाना, relevant time की भूमिका और धारा 141 के वैधानिक आधार अलग-अलग जाँचने होते हैं।
मुख्य बातें
  • सीधा जवाब कंपनी के बैंक खाते से जारी cheque dishonour हो तो मुख्य drawer कंपनी होती है।
  • NI Act की Section 141 निश्चित परिस्थितियों में उन व्यक्तियों तक criminal liability बढ़ाती है जो relevant time पर कंपनी के business के संचालन के लिए in charge और responsible थे।
  • इसलिए हर director, shareholder, परिवार के सदस्य या कर्मचारी को केवल उसका नाम कंपनी से जुड़ा होने के कारण जिम्मेदार मानना गलत है।

विस्तृत विवेचना

कानून और प्रक्रिया की समझ

सीधा जवाब

कंपनी के बैंक खाते से जारी cheque dishonour हो तो मुख्य drawer कंपनी होती है। NI Act की Section 141 निश्चित परिस्थितियों में उन व्यक्तियों तक criminal liability बढ़ाती है जो relevant time पर कंपनी के business के संचालन के लिए in charge और responsible थे। इसलिए हर director, shareholder, परिवार के सदस्य या कर्मचारी को केवल उसका नाम कंपनी से जुड़ा होने के कारण जिम्मेदार मानना गलत है। Cheque पर हस्ताक्षर करने वाले और managing role वाले व्यक्ति की स्थिति अलग हो सकती है।

पहले धारा 138 की मूल शर्तें जाँचें

वास्तविक legally enforceable debt/liability, cheque का उचित समय पर presentation, dishonour और demand notice की प्रक्रिया देखें। बैंक से return की सूचना मिलने के तीस दिन में statutory demand notice तथा drawer को notice मिलने के बाद पंद्रह दिन का भुगतान अवसर धारा 138 की सामान्य रूपरेखा है। Cause of action के बाद complaint की limitation Section 142 से देखी जाती है। इन मूल आवश्यकताओं की कमी सिर्फ directors के नाम जोड़ने से ठीक नहीं होती।

Company account का cheque, partnership firm का cheque और sole proprietor के व्यक्तिगत खाते का cheque एक जैसी legal identity नहीं रखते। शिकायत तैयार करने से पहले account holder, entity status और cheque जारी करने की authority सही पहचानें। केवल invoice पर छपा व्यापारिक नाम पर्याप्त नहीं हो सकता।

Section 141 में दो अलग आधार

Sub-section (1) relevant time पर business के संचालन के लिए in charge और responsible व्यक्ति से संबंधित है। पद का नाम लिखना और वास्तविक जिम्मेदारी का आरोप स्पष्ट करना एक जैसी बात नहीं। आरोपी अपने ज्ञान के बिना offence होने या उसे रोकने के लिए due diligence दिखाने का statutory defence उठा सकता है।

Sub-section (2) director, manager, secretary या अन्य officer की consent, connivance या neglect से offence होने की स्थिति देखता है। आरोप को उस व्यक्ति की भूमिका से जोड़ें। Authorized cheque signatory की भूमिका सामान्य non-signing director से अलग जाँची जाती है। Independent या non-executive director को केवल designation देखकर अपराध का जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए; statutory conditions और pleadings आवश्यक हैं।

क्या कंपनी को भी आरोपी बनाना जरूरी है?

सामान्य नियम यह है कि Section 141 के vicarious prosecution के लिए company को आरोपी बनाना आवश्यक है। Supreme Court ने Shri Gurudatta Sugars, 2024 INSC 551 के paragraphs 33–35 में Aneeta Hada के संदर्भ में इस अंतर को दोहराया है। कोई वास्तविक legal impediment हो तो उसका सटीक प्रभाव अलग जाँचें; company का व्यापार बंद होना, assets कम होना या उसका नाम भूल जाना अपने आप हर procedural कमी को दूर नहीं करता।

Company liquidation, insolvency moratorium या dissolution का आदेश हो तो उसकी प्रति लें। Company और individuals पर proceedings का प्रभाव एक जैसा मानना गलत है। इन विशेष स्थितियों में संबंधित statute तथा उस समय के न्यायिक निर्णय देखकर आगे की strategy तय करनी चाहिए।

Relevant time का प्रमाण क्या होगा?

Appointment/resignation documents, Registrar of Companies के records, DIR-12 filing, board resolutions, bank mandate, contract correspondence और business control का रिकॉर्ड उपयोगी हो सकता है। वास्तविक resignation date और बाद में हुई filing में अंतर समझाएँ। Cheque पर date, presentation, notice, payment का अवसर तथा offence completion का chronology बनाएँ। केवल आज company से संबंध न होना पुराने relevant period की भूमिका का उत्तर नहीं है।

Notice या summons मिलने पर कदम

  1. Complaint, annexures, summons order और statutory notice की प्रतियाँ लें।
  2. Company और अपनी legal identity, alleged role और relevant dates अलग लिखें।
  3. जो निर्विवाद रिकॉर्ड आरोप का खंडन करता हो, उसे सुरक्षित और क्रमवार रखें।
  4. Appearance/bail संबंधी court directions समय पर पूरा करें; केवल legal objection होने से summons अनुपस्थित होकर न छोड़ें।
  5. Quashing या उपयुक्त challenge की maintainability जाँचें; disputed evidence पर mini-trial की माँग से बचें।

आपराधिक जिम्मेदारी और निजी भुगतान अलग हैं

Section 141 के अंतर्गत prosecution की संभावना का अर्थ यह नहीं कि कंपनी के हर commercial debt की civil recovery director की निजी संपत्ति से हो जाएगी। Personal guarantee, अलग undertaking, fraud या decree का अपना कानूनी आधार चाहिए। इसी तरह Section 143A का interim compensation company cheque के authorized signatory पर केवल उसके हस्ताक्षर के कारण नहीं लगाया जा सकता—Shri Gurudatta Sugars ने drawer और signatory का यह अंतर स्पष्ट किया है। Appeal-stage Section 148 अलग प्रावधान है।

एक काल्पनिक उदाहरण

ABC Ltd. ने supplier को company account का cheque दिया। एक director ने उस पर हस्ताक्षर किए। दूसरे व्यक्ति ने cheque बनने से काफी पहले resignation दिया था और तीसरा केवल non-executive director है। तीनों का बचाव एक जैसा नहीं होगा। Signatory की भूमिका, पहले व्यक्ति का resignation record और तीसरे व्यक्ति के विरुद्ध business control/connivance के specific आरोप अलग जाँचे जाएँगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या MD को सिर्फ पद देखकर हर परिस्थिति में सजा होगी?

नहीं। Managing role के legal implications मजबूत हो सकते हैं, लेकिन offence, applicable requirements और trial evidence फिर भी जरूरी हैं। Summoning और final conviction अलग स्तर हैं।

Family director होने से छूट मिल जाती है?

परिवार का संबंध न स्वतः दोष पैदा करता है, न स्वतः छूट। वास्तविक statutory role और evidence निर्णायक हैं।

सबसे उपयोगी प्रारंभिक तैयारी क्या है?

Company records, bank authority और notice/offence timeline एक साथ देखना। इससे अनावश्यक व्यक्तियों को जोड़ने या वास्तविक जिम्मेदार को छोड़ने की गलती कम होती है।

आधिकारिक स्रोत और संबंधित प्रावधान

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स्रोत-जाँच: 3 नवंबर 2026।

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Advocate Amardeep Jaiswal
लेखक के बारे में

Advocate Amardeep Jaiswal

Advocate, High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur। भारतीय कानून, न्यायिक निर्णय और व्यावहारिक कानूनी विषयों पर जानकारीपूर्ण लेख प्रकाशित करते हैं।

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