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28 October 2026
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POCSO e-Box क्या है? NCPCR पर ऑनलाइन शिकायत कैसे करें

POCSO e-Box बच्चों के यौन शोषण संबंधी शिकायत NCPCR तक पहुँचाने की ऑनलाइन सुविधा के रूप में जाना जाता है। National Commission for Protection of Child Rights बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और POCSO के कार्यान्वयन की निगरानी से जुड़ा है। ऑनलाइन माध्यम जानकारी पहुँचाने में मदद कर सकता है, लेकिन वह तत्काल पुलिस सहायता, चिकित्सा या बच्चे की सुरक्षा का स्वतः विकल्प नहीं है।
मुख्य बातें
  • कानूनी संदर्भ तारीख: 28 October 2026 ऑनलाइन शिकायत की सुविधा का उद्देश्य POCSO e-Box बच्चों के यौन शोषण संबंधी शिकायत NCPCR तक पहुँचाने की ऑनलाइन सुविधा के रूप में जाना जाता है।
  • National Commission for Protection of Child Rights बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और POCSO के कार्यान्वयन की निगरानी से जुड़ा है।
  • ऑनलाइन माध्यम जानकारी पहुँचाने में मदद कर सकता है, लेकिन वह तत्काल पुलिस सहायता, चिकित्सा या बच्चे की सुरक्षा का स्वतः विकल्प नहीं है।

विस्तृत विवेचना

कानून और प्रक्रिया की समझ

कानूनी संदर्भ तारीख: 28 October 2026

ऑनलाइन शिकायत की सुविधा का उद्देश्य

POCSO e-Box बच्चों के यौन शोषण संबंधी शिकायत NCPCR तक पहुँचाने की ऑनलाइन सुविधा के रूप में जाना जाता है। National Commission for Protection of Child Rights बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और POCSO के कार्यान्वयन की निगरानी से जुड़ा है। ऑनलाइन माध्यम जानकारी पहुँचाने में मदद कर सकता है, लेकिन वह तत्काल पुलिस सहायता, चिकित्सा या बच्चे की सुरक्षा का स्वतः विकल्प नहीं है। [1][3]

वेबसाइट का इंटरफेस या शिकायत लिंक समय के साथ बदल सकता है। इसलिए किसी पुराने वीडियो में दिख रहे बटन या अनौपचारिक वेबसाइट के बजाय NCPCR की आधिकारिक वेबसाइट से शुरुआत करें। अक्टूबर 2026 में उसके Lodge Complaint पेज पर Report Child Sexual Abuse Complaint (POCSO Related) का विकल्प दिखाई देता है। उसी आधिकारिक रास्ते से आगे खुलने वाली प्रक्रिया का पालन करें। [3]

आधिकारिक पेज से शुरुआत कैसे करें

ब्राउज़र में ncpcr.gov.in खोलें और शिकायत वाले हिस्से में जाएँ। POCSO से संबंधित child sexual abuse complaint विकल्प चुनें। आगे जो आधिकारिक form या linked portal खुले, उसके निर्देश पढ़ें। संपर्क, संबंधित राज्य, घटना का संक्षिप्त विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध तथ्यों के अनुसार दें। स्क्रीन पर कोई अतिरिक्त सत्यापन माँगा जाए तो वही पूरा करें; पुराने निर्देशों के आधार पर मनमाना चरण न जोड़ें। [3]

फर्जी सहायता एजेंट, विज्ञापन या मिलते जुलते डोमेन से बचें। किसी व्यक्ति को अपना पासवर्ड या verification code देकर शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं मानें। यदि सुरक्षित इंटरनेट उपकरण उपलब्ध नहीं है या बच्चा स्वयं form नहीं भर सकता तो भरोसेमंद वयस्क या संबंधित प्राधिकरण से सहायता ली जा सकती है। सहायता देने वाला व्यक्ति बच्चे की जगह नई कहानी तैयार न करे।

शिकायत का विवरण कैसे लिखें

घटना की तारीख या संभावित अवधि, स्थान, बच्चे की उम्र, संबंधित व्यक्ति की उपलब्ध पहचान और तत्काल खतरे का संक्षिप्त विवरण लिखें। जो बात सीधे देखी है और जो बच्चे ने बताई, उन्हें अलग रखें। पहले पुलिस को जानकारी दी है तो थाना, FIR या acknowledgment का उपलब्ध विवरण जोड़ें। कोई बात मालूम नहीं हो तो अज्ञात लिखना गलत निश्चित जानकारी देने से बेहतर है।

जरूरी दस्तावेज ही निर्धारित सुरक्षित माध्यम से दें। बच्चे का नाम, पता और पहचान निजी सोशल पोस्ट या सार्वजनिक comment में न लिखें। शोषणकारी फोटो या वीडियो को अपनी ओर से आगे भेजकर प्रमाण बनाने की कोशिश न करें। उपलब्ध URL और संदर्भ की जानकारी देकर वास्तविक फाइल के संबंध में सक्षम अधिकारी से सुरक्षित निर्देश लें। उद्देश्य शिकायत पहुँचाना है, सामग्री का नया प्रसार करना नहीं।

Submit करने के बाद क्या रखें

फॉर्म जमा होने पर जो receipt, reference number या confirmation मिले, उसे सुरक्षित रखें। शिकायत का दिया गया पाठ, तारीख और इस्तेमाल किए गए आधिकारिक पेज का विवरण भी नोट करें। यदि portal status देखने की सुविधा देता है तो उसके निर्देश से जाँच करें। किसी reference के मिलने को अपने आप पुलिस FIR दर्ज हो जाने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए। [3]

POCSO की धारा 19 पुलिस या SJPU को सूचना देने की व्यवस्था करती है। इसलिए जहाँ रिपोर्टिंग का कानूनी दायित्व है, वहाँ यह सुनिश्चित करें कि संबंधित पुलिस तक सूचना पहुँची है। ऑनलाइन शिकायत करने के बाद बच्चे के तत्काल खतरे या इलाज के लिए आयोग की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा न करें। उपलब्ध पुलिस सूचना और portal complaint के रिकॉर्ड अलग रखें। [1]

लिंक न खुले या कार्रवाई समझ न आए

पोर्टल अस्थायी रूप से काम न करे तो स्थानीय पुलिस या SJPU के सामने सूचना देने का रास्ता बना रहता है। बार बार अनौपचारिक साइट पर वही संवेदनशील दस्तावेज upload न करें। शिकायत की प्राप्ति, किस प्राधिकारी को भेजी गई और आगे किससे संपर्क करना है, यह आधिकारिक माध्यम से पूछें। जरूरत होने पर कानूनी सहायता लें और बच्चे की गोपनीयता बनाए रखें। [1][2]

परिवार एक छोटी follow-up सूची बना सकता है जिसमें सुरक्षा, चिकित्सा, रिपोर्ट की स्थिति और सहायता व्यक्ति की जरूरत दर्ज हो। e-Box का उपयोग सुविधा और पहुँच बढ़ाने के लिए है; बच्चे को प्रक्रिया का तकनीकी विशेषज्ञ बनाना उसका उद्देश्य नहीं है। सही सूचना, सुरक्षित उपकरण, सीमित दस्तावेज साझा करना और पुलिस रिपोर्ट की अलग पुष्टि व्यावहारिक रूप से सबसे उपयोगी तैयारी हैं।

स्रोत

  1. Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012, amended text — NCPCR / Government of India. Definitions, offences, reporting, safeguards, Special Courts and presumptions; 2019 amendments included.
  2. POCSO Rules, 2020 — Gazette notification G.S.R. 165(E) — Ministry of Women and Child Development / NCPCR. Rules 3, 4, 6, 7 and 9: institutions, care, support, medical aid, legal aid and compensation.
  3. Lodge Complaint — POCSO-related child sexual abuse reporting option — National Commission for Protection of Child Rights. Official entry page checked 28 October 2026; downstream form requirements can change. No real complaint submitted.

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Advocate Amardeep Jaiswal
लेखक के बारे में

Advocate Amardeep Jaiswal

Advocate, High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur। भारतीय कानून, न्यायिक निर्णय और व्यावहारिक कानूनी विषयों पर जानकारीपूर्ण लेख प्रकाशित करते हैं।

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