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01 November 2026
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AFT के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट अपील और Leave to Appeal कैसे लें?

सामान्य final AFT order की statutory appeal धारा 30–31 की शर्तों के अधीन है। Leave और point of law of general public importance का प्रश्न महत्वपूर्ण है। इसे हर मामले की ordinary SLP या unconditional appeal न समझें।
मुख्य बातें
  • सीधा जवाब सामान्य final AFT order की statutory appeal धारा 30–31 की शर्तों के अधीन है।
  • Leave और point of law of general public importance का प्रश्न महत्वपूर्ण है।
  • इसे हर मामले की ordinary SLP या unconditional appeal न समझें।

विस्तृत विवेचना

कानून और प्रक्रिया की समझ

सीधा जवाब

सामान्य final AFT order की statutory appeal धारा 30–31 की शर्तों के अधीन है। Leave और point of law of general public importance का प्रश्न महत्वपूर्ण है। इसे हर मामले की ordinary SLP या unconditional appeal न समझें।

कानूनी स्थिति और जरूरी अंतर

धारा 30(1) में final decision/order के लिए ninety days का प्रावधान धारा 31 के अधीन है; interlocutory orders पर वही appeal नहीं। धारा 31(2) Tribunal में leave application के लिए decision से thirty days और refusal के बाद Supreme Court में leave request के लिए अलग thirty-day period बताती है। इन्हें साथ पढ़कर dates calculate करें। Contempt jurisdiction के आदेश पर धारा 30(2) का अलग sixty-day route है। Article 136(2) के कारण AFT से direct ordinary SLP को सामान्य रास्ता बताना गलत होगा।

आगे की कार्यवाही चुनने से पहले

पूरा signed order पढ़ें और देखें कि relief grant, reconsideration, dismissal, interim direction या contempt decision में से क्या हुआ है। उसी आधार पर implementation, review, writ या statutory appeal में अंतर तय होगा। केवल order का heading या case status देखकर अगला उपाय चुनना गलत हो सकता है। पहले की pleadings और undisputed material record सुरक्षित रखें।

तारीख और operative direction का रिकॉर्ड

Decision, copy receipt, communication, compliance deadline, leave request और refusal की तारीख अलग लिखें। अलग remedies के clocks एक जैसे नहीं होते। जहां stay की बात है, actual judicial order माँगें। पहले किए challenge और pending proceedings का खुलासा करें; समान relief के लिए parallel proceedings jurisdiction और maintainability की समस्या बना सकती हैं।

नया grounds या compliance का प्रश्न

मूल निर्णय बदलवाना और उसी निर्णय का पालन कराना अलग हैं। Appropriate forum में सही relief, limitation और competent respondents के साथ जाएँ। केवल असहमति से review या constitutional interference नहीं मिलती। नए facts हों तो उनकी admissibility तथा पहले पेश न होने का कारण स्पष्ट करें।

व्यावहारिक कदम

  1. final/interlocutory/contempt order की category तय करें।
  2. leave, refusal और appeal की सभी dates chart करें।
  3. Supreme Court filing requirements के लिए Advocate-on-Record से समय पर प्रक्रिया लें।

जरूरी दस्तावेज

  • AFT final order और relevant record
  • leave application/refusal
  • date chart और certified documents

एक काल्पनिक उदाहरण

मामला केवल व्यक्तिगत pension calculation का है। हर factual disagreement को general public importance का legal question लिखना पर्याप्त नहीं।

यह गलती न करें

केवल ninety days सुनकर thirty-day leave requirement को न भूलें।

आधिकारिक स्रोत

कानूनी अस्वीकरण

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स्रोत-जाँच: 1 नवंबर 2026।

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Advocate Amardeep Jaiswal
लेखक के बारे में

Advocate Amardeep Jaiswal

Advocate, High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur। भारतीय कानून, न्यायिक निर्णय और व्यावहारिक कानूनी विषयों पर जानकारीपूर्ण लेख प्रकाशित करते हैं।

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