वीडियो कॉल पर किसी को लगातार निगरानी में रखकर पैसे माँगने वाली ‘digital arrest’ धमकी साइबर ठगी का तरीका है। किसी कथित अधिकारी के निजी निर्देश पर ‘सुरक्षित खाते’ में पैसे न भेजें।
ठग पुलिस, CBI, न्यायालय या नियामक संस्था की पहचान का इस्तेमाल कर सकते हैं। नकली पहचानपत्र, वर्दी या अदालत जैसा वीडियो सेटअप वास्तविकता का प्रमाण नहीं है। बैंक खाते को जाँचने या आपको निर्दोष साबित करने के लिए रकम ट्रांसफर कराने का दबाव गंभीर संकेत है। किसी असली नोटिस की पुष्टि संबंधित संस्था के स्वतंत्र आधिकारिक संपर्क से करें।
अब क्या करें?
- कॉल रोकें और विश्वसनीय व्यक्ति को स्थिति बताएं; ठग द्वारा दिए नंबर पर सत्यापन न करें।
- नंबर, प्रोफाइल, संदेश और माँगी गई बैंक जानकारी सुरक्षित करें।
- पैसा गया हो तो बैंक तथा 1930 को तुरंत रिपोर्ट करें और साइबर पोर्टल पर शिकायत दें।
कौन-से दस्तावेज रखें?
कॉल लॉग, संदेश, भेजे दस्तावेज, खाते की जानकारी और भुगतान रिकॉर्ड।
यह गलती न करें
धमकी के कारण परिवार से बात बंद करना या पूरा दिन कैमरा चालू रखना ठग का नियंत्रण बढ़ाता है।
एक काल्पनिक उदाहरण
किसी कॉलर ने कहा कि आपके Aadhaar से अपराध हुआ है और जाँच के लिए ₹50,000 भेजें। उसकी दिखाई वर्दी पर भरोसा करने के बजाय कॉल रोककर संबंधित संस्था के स्वतंत्र official contact से पुष्टि करें।
क्या सरकारी लोगो वाला PDF असली नोटिस साबित करता है?
नहीं। प्रेषक, केस विवरण और जारी करने वाले कार्यालय से स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कानूनी आधार और उपयोगी स्रोत
- CBI की Digital Arrest और Investment Fraud संबंधी चेतावनी, 2 जुलाई 2026
- साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग — आधिकारिक निर्देश
यह सामान्य कानूनी जानकारी है। आपके तथ्य, लागू कानून और राज्य के नियमों के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।