किसी अधिनियम में अपरिभाषित शब्द का अर्थ सामान्यतः किसी दूसरे अधिनियम से स्वतः ग्रहण नहीं किया जा सकता। दूसरे कानून की परिभाषा लागू करने के लिए वैधानिक संदर्भ/समावेशन आवश्यक है; समान शब्द होना पर्याप्त नहीं। निर्णय के तथ्यों में जॉब-वर्क प्रोसेसर ने कपड़ा बनाया नहीं, बल्कि पावरलूम/हैंडलूम निर्माताओं के कपड़े को प्रोसेस करके लौटाया।
Court: The Supreme Court of India
Case Name: THE ASSESSING OFFICER, TEXTILES COMMITTEE VS. M/S. PREMIUM SUITING PVT. LTD.
Case Number: Civil Appeal No. 785 of 2016
Bench: माननीय न्यायमूर्ति S.V. Bhatti और माननीय न्यायमूर्ति N.V. Anjaria
Neutral Citation: 2026 INSC 1158
Decision Date: 2026-10-26
मामला क्या था?
Textiles Committee के आकलन अधिकारी ने Premium Suiting Pvt. Ltd. से ₹2,68,293 का वस्त्र उपकर मांगा। कंपनी पावरलूम और हैंडलूम इकाइयों से प्राप्त कपड़े पर जॉब-वर्क के आधार पर ब्लीचिंग, रंगाई और अन्य प्रोसेसिंग करती थी और फिर कपड़ा संबंधित निर्माताओं को लौटा देती थी। अपीलीय अधिकरण ने उपकर की मांग कायम रखी, लेकिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उसे रद्द कर दिया। अधिकारी ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी।
मुख्य कानूनी प्रश्न
क्या पावरलूम या हैंडलूम से बने कपड़े पर जॉब-वर्क के तहत की गई ब्लीचिंग, रंगाई और अन्य प्रोसेसिंग को Textiles Committee Act, 1963 की धारा 5A के लिए ‘निर्माण’ माना जा सकता है, और क्या Central Excise Act, 1944 में दी गई ‘manufacture’ की परिभाषा उस अधिनियम में आयात की जा सकती है?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर उच्च न्यायालय का आदेश कायम रखा। उसने माना कि इस मामले में कंपनी केवल पावरलूम और हैंडलूम निर्माताओं के कपड़े की प्रोसेसिंग करती थी; उसके यहां नया ‘textile manufactured’ नहीं होता था। इसलिए धारा 5A के तहत कंपनी पर उपकर देय नहीं था। ‘Manufacture’ की परिभाषा अधिनियम में न होने पर Central Excise Act की परिभाषा को बिना वैधानिक संदर्भ या समावेशन के लागू नहीं किया जा सकता।
न्यायालय की प्रमुख reasoning
Textiles Committee Act में ‘manufacture’ परिभाषित नहीं है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे अधिनियम की परिभाषा को इस अधिनियम में स्वतः लागू नहीं किया जा सकता; इसके लिए वैधानिक संदर्भ या समावेशन आवश्यक है। धारा 5A को उसके अपने संदर्भ और योजना में पढ़ते हुए न्यायालय ने पाया कि कंपनी निर्माताओं की ओर से कपड़े को रंगती और ब्लीच करती, फिर उसे वापस करती थी। इस सीमित तथ्यात्मक परिस्थिति में वह गतिविधि सहायक प्रोसेसिंग थी, नया वस्त्र-निर्माण नहीं; और पावरलूम/हैंडलूम उद्योग से बने वस्त्रों को धारा 5A के परंतुक में उपकर से छूट थी।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- किसी अधिनियम में अपरिभाषित शब्द का अर्थ सामान्यतः किसी दूसरे अधिनियम से स्वतः ग्रहण नहीं किया जा सकता।
- दूसरे कानून की परिभाषा लागू करने के लिए वैधानिक संदर्भ/समावेशन आवश्यक है; समान शब्द होना पर्याप्त नहीं।
- निर्णय के तथ्यों में जॉब-वर्क प्रोसेसर ने कपड़ा बनाया नहीं, बल्कि पावरलूम/हैंडलूम निर्माताओं के कपड़े को प्रोसेस करके लौटाया।
- धारा 5A के परंतुक के तहत पावरलूम या हैंडलूम उद्योग से निर्मित वस्त्रों को उपकर से छूट थी।
- अपील खारिज हुई और उच्च न्यायालय द्वारा उपकर मांग रद्द करने का आदेश कायम रहा।
इस निर्णय का व्यावहारिक प्रभाव
निर्णय उन मामलों में उपयोगी है जहां पावरलूम या हैंडलूम निर्माताओं के कपड़े पर स्वतंत्र इकाई जॉब-वर्क के तहत प्रोसेसिंग करती है। ऐसे मामलों में केवल दूसरी कर-विधि में प्रयुक्त ‘manufacture’ की व्यापक परिभाषा के आधार पर Textiles Committee Act के तहत उपकर नहीं लगाया जा सकता। परिणाम संबंधित अधिनियम की भाषा और वास्तविक कार्य-प्रकृति पर निर्भर करेगा।