करदाता ने विवादित excise duty को Profit and Loss Account में नहीं डाला और उसका deduction claim नहीं किया था। रिकॉर्ड के अनुसार unpaid duty से संबंधित stock bonded warehouse में था; goods हटाए जाने की High Court की धारणा गलत थी। जिस राशि का करदाता ने deduction claim ही नहीं किया, उसे Section 43B के तहत disallow करना अस्वीकार्य है।
Court: The Supreme Court of India
Case Name: LAKSHMI SUGAR MILLS CO. LTD. VS. COMMISSIONER OF INCOME TAX DELHI II
Case Number: Civil Appeal No. 8932 of 2013
Bench: माननीय न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी और माननीय न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारी
Neutral Citation: 2026 INSC 1162
Decision Date: 2026-10-27
मामला क्या था?
Lakshmi Sugar Mills ने Assessment Year 2005-06 के लिए अपने return में नुकसान घोषित किया था। Tax Audit Report में closing stock पर ₹69,91,983 की unpaid excise duty का उल्लेख था। Assessing Officer ने यह राशि Sections 43B और 145A के तहत जोड़ दी। CIT (Appeals) ने addition हटाया और ITAT ने उस निर्णय को कायम रखा। High Court ने Revenue की अपील स्वीकार कर addition बहाल किया; करदाता ने उस निर्णय को चुनौती दी।
मुख्य कानूनी प्रश्न
क्या closing stock पर बकाया excise duty को Sections 43B और 145A के तहत taxable income में जोड़ा जा सकता है, जब करदाता ने उस राशि को Profit and Loss Account में खर्च या deduction के रूप में दावा नहीं किया था और संबंधित stock bonded warehouse में ही रहा था?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
अपील स्वीकार करते हुए न्यायालय ने High Court का आदेश रद्द किया। उसने पाया कि High Court का यह आधार—कि संबंधित goods हटाए जा चुके थे और इसलिए duty देय थी—रिकॉर्ड के विपरीत था। जब करदाता ने विवादित राशि को अपने Profit and Loss Account में खर्च या deduction के रूप में दावा नहीं किया था, तो उस राशि को Section 43B के तहत disallow कर taxable income में जोड़ना अस्वीकार्य था।
न्यायालय की प्रमुख reasoning
न्यायालय ने CIT (Appeals), ITAT और Assessing Officer के रिकॉर्ड पर विचार कर पाया कि जिस stock पर विवादित duty का भुगतान नहीं हुआ था, वह bonded warehouse में था। High Court ने goods हटाए जाने की बात मानकर duty payable ठहराई थी, लेकिन यह निष्कर्ष रिकॉर्ड से समर्थित नहीं था। न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि Revenue ने यह नहीं दिखाया कि करदाता ने विवादित राशि को खातों में deduction के रूप में कहाँ और कैसे लिया था। करदाता द्वारा दावा ही न किए गए खर्च को disallow करना उचित नहीं था।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- करदाता ने विवादित excise duty को Profit and Loss Account में नहीं डाला और उसका deduction claim नहीं किया था।
- रिकॉर्ड के अनुसार unpaid duty से संबंधित stock bonded warehouse में था; goods हटाए जाने की High Court की धारणा गलत थी।
- जिस राशि का करदाता ने deduction claim ही नहीं किया, उसे Section 43B के तहत disallow करना अस्वीकार्य है।
- न्यायालय ने Section 43B और Section 145A के परस्पर प्रभाव पर विचार किया तथा तथ्यात्मक रिकॉर्ड को निर्णायक माना।
इस निर्णय का व्यावहारिक प्रभाव
आयकर विवादों में Section 43B की disallowance का परीक्षण करते समय यह देखना आवश्यक है कि संबंधित statutory liability करदाता ने वास्तव में खर्च या deduction के रूप में claim की थी या नहीं। केवल Tax Audit Report में liability का उल्लेख, अपने-आप में, उस राशि को taxable income में जोड़ने का पर्याप्त आधार नहीं है।