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26 October 2026
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क्या शादीशुदा बेटी को पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलता है?

केवल विवाह हो जाने से बेटी का उत्तराधिकार समाप्त नहीं होता। हिस्सा तय करने से पहले संपत्ति की प्रकृति, लागू personal law, वसीयत और पहले हुए वैध बँटवारे को देखना जरूरी है।
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  • केवल विवाह हो जाने से बेटी का उत्तराधिकार समाप्त नहीं होता।
  • हिस्सा तय करने से पहले संपत्ति की प्रकृति, लागू personal law, वसीयत और पहले हुए वैध बँटवारे को देखना जरूरी है।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 6 में Mitakshara coparcenary में बेटी को बेटे…
  • पिता की अलग संपत्ति में उनके जीवनकाल का अधिकार और मृत्यु के बाद बिना वसीयत का उत्तराधिकार अलग प्रश्न हैं।

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केवल विवाह हो जाने से बेटी का उत्तराधिकार समाप्त नहीं होता। हिस्सा तय करने से पहले संपत्ति की प्रकृति, लागू personal law, वसीयत और पहले हुए वैध बँटवारे को देखना जरूरी है।

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 6 में Mitakshara coparcenary में बेटी को बेटे के समान जन्मसिद्ध अधिकार का प्रावधान है। पिता की अलग संपत्ति में उनके जीवनकाल का अधिकार और मृत्यु के बाद बिना वसीयत का उत्तराधिकार अलग प्रश्न हैं। धारा 8 तथा अनुसूची के तहत बेटी Class I heir होती है। हर स्थिति में हिस्से का प्रतिशत समान नहीं होगा।

अब क्या करें?

  1. संपत्ति किसने और कैसे प्राप्त की, इसकी chain देखें।
  2. वसीयत, partition deed और पिता की मृत्यु की स्थिति स्पष्ट करें।
  3. सभी पात्र वारिसों को ध्यान में रखकर हिस्सा और partition का उपाय तय करें।

कौन-से दस्तावेज रखें?

Title deeds, family tree, death certificate, वसीयत और partition records।

यह गलती न करें

‘शादी में खर्च हो गया इसलिए हिस्सा खत्म’ या ‘हर संपत्ति में अभी हिस्सा’—दोनों दावे अधूरे हो सकते हैं।

एक काल्पनिक उदाहरण

पिता की बिना वसीयत मृत्यु हुई और बेटी की पहले शादी हो चुकी है। सिर्फ विवाह के आधार पर उसे बाहर नहीं किया जा सकता। संपत्ति और सभी पात्र Class I heirs देखकर हिस्सों की गणना होगी।

क्या पिता अपनी self-acquired property बेच सकते हैं?

सामान्यतः वैध मालिक अपनी संपत्ति का निपटान कर सकता है; वास्तविक ownership और कानूनी बाधाएँ देखनी होंगी।

कानूनी आधार और उपयोगी स्रोत

यह सामान्य कानूनी जानकारी है। आपके तथ्य, लागू कानून और राज्य के नियमों के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।

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Advocate Amardeep Jaiswal
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Advocate Amardeep Jaiswal

Advocate, High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur। भारतीय कानून, न्यायिक निर्णय और व्यावहारिक कानूनी विषयों पर जानकारीपूर्ण लेख प्रकाशित करते हैं।

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