VAKEEL SAHAB LEGAL DESK • स्वतंत्र कानूनी जानकारी
26 October 2026
⚖

VAKEEL SAHAB

Legal Desk • Judgments • Advocate Directory

legal.kicker
legal.read_in: हिंदी English

पुलिस FIR दर्ज न करे तो शिकायत कहाँ करें?

संज्ञेय अपराध की जानकारी दर्ज करने से थाना मना करे तो BNSS की धारा 173(4) के तहत पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भेजी जा सकती है। आगे सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन का रास्ता भी उपलब्ध है।
legal.key_points
  • संज्ञेय अपराध की जानकारी दर्ज करने से थाना मना करे तो BNSS की धारा 173(4) के तहत पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भेजी जा सकती है।
  • आगे सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन का रास्ता भी उपलब्ध है।शिकायत में घटना, तारीख, स्थान और उपलब्ध साक्ष्य साफ लिखें।
  • हर निजी विवाद अपने आप FIR वाला अपराध नहीं बनता।

legal.detailed_analysis

legal.analysis_tag

संज्ञेय अपराध की जानकारी दर्ज करने से थाना मना करे तो BNSS की धारा 173(4) के तहत पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भेजी जा सकती है। आगे सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन का रास्ता भी उपलब्ध है।

शिकायत में घटना, तारीख, स्थान और उपलब्ध साक्ष्य साफ लिखें। हर निजी विवाद अपने आप FIR वाला अपराध नहीं बनता। कुछ तीन वर्ष या अधिक लेकिन सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों में कानून की शर्तों पर प्रारंभिक जाँच संभव है। इसलिए सिर्फ शिकायत देने और FIR दर्ज होने के बीच का अंतर समझना जरूरी है।

अब क्या करें?

  1. थाने में दी शिकायत की प्रति और प्राप्ति का प्रमाण रखें।
  2. SP को तथ्यों और दस्तावेजों सहित शिकायत भेजें; डाक या अन्य उपलब्ध पावती सुरक्षित रखें।
  3. कार्रवाई न हो तो धारा 175(3) के आवेदन, शपथपत्र और क्षेत्राधिकार की आवश्यकताएँ जाँचें।

कौन-से दस्तावेज रखें?

घटना-विवरण, शिकायत, पावती, फोटो, मेडिकल रिकॉर्ड और गवाहों की जानकारी।

यह गलती न करें

शिकायत मजबूत दिखाने के लिए तथ्य बढ़ाना या गलत धाराएँ जोड़ना उलटा नुकसान पहुँचा सकता है।

एक काल्पनिक उदाहरण

किसी हमले की शिकायत पर केवल diary receipt मिली। पहले यह पूछें कि FIR दर्ज हुई या नहीं और copy माँगें। अगर संज्ञेय सूचना दर्ज करने से इनकार है तो पहले आवेदन की पावती आगे के representation में जोड़ें।

क्या ऑनलाइन शिकायत हमेशा FIR होती है?

नहीं। शिकायत संख्या और FIR संख्या अलग हो सकती हैं; दर्ज दस्तावेज की स्थिति देखें।

कानूनी आधार और उपयोगी स्रोत

यह सामान्य कानूनी जानकारी है। आपके तथ्य, लागू कानून और राज्य के नियमों के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।

legal.original_source legal.view_source

WhatsApp पर पूरी तस्वीर भेजने के लिए कार्ड डाउनलोड करें और साथ में लेख की लिंक दें।

Advocate Amardeep Jaiswal
legal.about_author

Advocate Amardeep Jaiswal

Advocate, High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur। भारतीय कानून, न्यायिक निर्णय और व्यावहारिक कानूनी विषयों पर जानकारीपूर्ण लेख प्रकाशित करते हैं।

legal.editorial_note legal.editorial_text
legal.disclaimer legal.independent_text