कॉल की सत्यता और आपको किस हैसियत से बुलाया जा रहा है, पहले स्पष्ट करें। वैध लिखित नोटिस की अनदेखी न करें। गवाह, संदिग्ध और आरोपी के लिए लागू प्रक्रिया अलग हो सकती है।
BNSS की धारा 35 का appearance notice और धारा 179 के अंतर्गत गवाह की उपस्थिति अलग विषय हैं। कुछ व्यक्तियों को गवाह के रूप में उनके निवास से अलग स्थान पर उपस्थित होने के लिए बाध्य न करने की विशेष सुरक्षा है। सुरक्षा का दायरा देखकर ही निष्कर्ष निकालें; इसे हर आरोपी पर लागू छूट न समझें।
अब क्या करें?
- आधिकारिक थाना संपर्क से अधिकारी और बुलावे का सत्यापन करें।
- केस संख्या, उद्देश्य, समय और उपलब्ध लिखित notice माँगें।
- जाने में वास्तविक कठिनाई हो तो समय रहते लिखित अनुरोध दें और सहायता लें।
कौन-से दस्तावेज रखें?
कॉल विवरण, नोटिस, पहचान और विषय से जुड़े आवश्यक दस्तावेज।
यह गलती न करें
अनजान कॉल पर OTP, बैंक जानकारी या पैसे देना पुलिस के साथ सहयोग करने का तरीका नहीं है।
एक काल्पनिक उदाहरण
फोन पर केवल ‘पूछताछ के लिए आओ’ कहा गया। व्यक्ति अधिकारी की पहचान और मामला पूछ सकता है। Witness के रूप में बुलावा है या accused appearance notice, यह स्पष्ट होने से सही दस्तावेज तथा प्रक्रिया तय होंगे।
क्या नोटिस मिलने का अर्थ गिरफ्तारी है?
नहीं। फिर भी उसकी शर्तों का पालन और अपने अधिकारों की जानकारी आवश्यक है।
कानूनी आधार और उपयोगी स्रोत
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 — धाराएँ 35–58, 173–175, 187, 478–483, 528, 531
- CBI की Digital Arrest और Investment Fraud संबंधी चेतावनी, 2 जुलाई 2026
यह सामान्य कानूनी जानकारी है। आपके तथ्य, लागू कानून और राज्य के नियमों के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।