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26 October 2026
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RTI कैसे लगाएँ और जवाब कितने दिनों में मिलता है?

संबंधित public authority के PIO से उपलब्ध records की सूचना माँगी जाती है। सामान्य जवाब की अवधि 30 दिन है; life or liberty से संबंधित पात्र सूचना के लिए 48 घंटे का प्रावधान है।
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  • संबंधित public authority के PIO से उपलब्ध records की सूचना माँगी जाती है।
  • सामान्य जवाब की अवधि 30 दिन है; life or liberty से संबंधित पात्र सूचना के लिए 48 घंटे का प्रावधान है।RTI का उद्देश्य मौजूद records तक पहुँच है।
  • अधिकारी से नई opinion, कल्पना या हर शिकायत का समाधान तैयार कराना जरूरी नहीं।

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संबंधित public authority के PIO से उपलब्ध records की सूचना माँगी जाती है। सामान्य जवाब की अवधि 30 दिन है; life or liberty से संबंधित पात्र सूचना के लिए 48 घंटे का प्रावधान है।

RTI का उद्देश्य मौजूद records तक पहुँच है। अधिकारी से नई opinion, कल्पना या हर शिकायत का समाधान तैयार कराना जरूरी नहीं। Transfer, third-party information, exemptions और additional fee के कारण प्रक्रिया बदल सकती है। Central RTI portal और state portals का coverage अलग देखें।

अब क्या करें?

  1. किस विभाग के पास सूचना है, उसकी पहचान करें।
  2. सवाल को record, order, file noting या certified copy की स्पष्ट माँग में लिखें।
  3. जवाब न मिले या गलत denial हो तो prescribed first appeal का रास्ता अपनाएँ।

कौन-से दस्तावेज रखें?

Application, fee proof, receipt और मिले replies।

यह गलती न करें

निजी कंपनी के हर आंतरिक रिकॉर्ड को सीधे RTI में माँगना या personal grievance को सूचना माँग से न जोड़ना उपयोगी नहीं है।

एक काल्पनिक उदाहरण

किसी municipal application पर काम नहीं हुआ। ‘मेरा काम क्यों नहीं हुआ’ के बजाय प्राप्ति, file movement और उपलब्ध आदेशों की copies माँगना अधिक स्पष्ट RTI है। Grievance resolution की प्रक्रिया अलग जारी रखी जा सकती है।

क्या RTI लगाने का कारण बताना जरूरी है?

सामान्यतः सूचना माँगने का कारण बताना आवश्यक नहीं; संपर्क हेतु जरूरी विवरण दें।

कानूनी आधार और उपयोगी स्रोत

यह सामान्य कानूनी जानकारी है। आपके तथ्य, लागू कानून और राज्य के नियमों के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।

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Advocate Amardeep Jaiswal
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Advocate Amardeep Jaiswal

Advocate, High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur। भारतीय कानून, न्यायिक निर्णय और व्यावहारिक कानूनी विषयों पर जानकारीपूर्ण लेख प्रकाशित करते हैं।

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