जानकारी का संदर्भ 28 अक्टूबर 2026
कानूनी स्थिति अधिसूचित परिवर्तन जिसके लागू होने के लिए राजपत्र प्रकाशन से 180वें दिन का प्रावधान है
अक्टूबर का बदलाव और उसकी समयसीमा
SEBI ने 8 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना से Intermediaries Regulations में Common Advertisement Code जोड़ा है। संशोधन राजपत्र में प्रकाशन से 180वें दिन लागू होगा। इसलिए 28 अक्टूबर 2026 को तैयारी की चर्चा करते समय भविष्य में प्रभावी होने वाले इस ढाँचे और वर्तमान लागू नियमों का अंतर समझना आवश्यक है। [1]
नई संहिता में निर्दिष्ट वित्तीय संस्थाएँ आती हैं, जैसे स्टॉक ब्रोकर, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट, निवेश सलाहकार, रिसर्च एनालिस्ट और पोर्टफोलियो मैनेजर। वेबसाइट, सोशल मीडिया और वीडियो जैसे माध्यम भी विज्ञापन की परिभाषा में आ सकते हैं। किसी सामान्य कंपनी पर केवल कंपनी होने के कारण यह पूरी संहिता लागू मान लेना सही नहीं होगा। [1]
सेलिब्रिटी प्रचार के लिए क्या बदलेगा
संहिता में सेलिब्रिटी द्वारा ब्रांड या संस्था स्तर पर समर्थन की अनुमति शर्तों के साथ है। किसी खास उत्पाद या सेवा के बारे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रलोभन अथवा दावा शामिल नहीं किया जा सकता। ऐसे विज्ञापन के लिए संबंधित supervisory body या SEBI की पूर्व मंजूरी का प्रावधान भी है। [1]
इसका व्यावहारिक अर्थ है कि अभियान की स्क्रिप्ट, चित्र और अंतिम संदेश को एक साथ पढ़ना चाहिए। एक वाक्य सावधानी से लिखा होने पर भी अगला दृश्य दर्शक को अलग अर्थ दे सकता है। कानून और मार्केटिंग विभाग को वीडियो के अंतिम संस्करण पर सहमति बनाने की व्यवस्था रखनी चाहिए।
कंपनी अपनी तैयारी कैसे करे
तैयारी की शुरुआत प्रकाशित सामग्री की सूची से करें। वेबसाइट के बैनर, पुराने प्रचार वीडियो, एजेंसी को दी गई स्क्रिप्ट और अभी चल रहे अभियानों को एक रजिस्टर में रखें। हर प्रविष्टि के साथ उसे बनाने वाला विभाग, प्रकाशन की तारीख और जिम्मेदार व्यक्ति दर्ज किया जा सकता है।
इसके बाद यह तय करें कि कौन सा संचार उत्पाद बेचने का प्रयास करता है और कौन सा केवल तथ्य देता है। आंतरिक वर्गीकरण में संदेह हो तो संबंधित सामग्री की अलग समीक्षा कराएँ। केवल फाइल का नाम ‘जागरूकता वीडियो’ रख देने से उसके वास्तविक प्रचार प्रभाव का आकलन पूरा नहीं होता।
एजेंसी के साथ अनुबंध में अंतिम सामग्री की स्वीकृति, बिना अनुमति संशोधन रोकने और पुरानी सामग्री हटाने की प्रक्रिया लिखना उपयोगी रहेगा। यह संगठन की तैयारी का सुझाव है; प्रत्येक अनुबंध के लिए संहिता में यही शब्दशः शर्त निर्धारित होने का दावा नहीं है।
एक व्यावहारिक उदाहरण
मान लें कि कोई निवेश सलाहकार अपने नए ऐप का प्रचार किसी लोकप्रिय कलाकार से कराना चाहता है। कानूनी टीम पहले संस्था की नियामकीय श्रेणी और अभियान की प्रस्तावित तारीख देखे। फिर कलाकार के संवाद और स्क्रीन पर आने वाले पाठ को पढ़कर तय करे कि वे केवल संस्था का परिचय दे रहे हैं या किसी निवेश उत्पाद के बारे में दावा भी कर रहे हैं।
यदि एजेंसी बाद में छोटा सोशल मीडिया संस्करण बनाती है, तो उसे भी मूल स्वीकृति की फाइल से जोड़ें। रिकॉर्ड में केवल लंबा वीडियो रहने से यह पता नहीं चलता कि दर्शकों तक वास्तव में कौन सा संदेश पहुँचा था।
बोर्ड और प्रबंधन के लिए काम की बात
प्रबंधन अभी विज्ञापन की समीक्षा करने वाला व्यक्ति, सामग्री बदलने का अधिकार और दस्तावेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था तय कर सकता है। प्रभावी तारीख आने से पहले वर्तमान नियमों तथा बाद के SEBI निर्देशों के साथ मिलान करना चाहिए। इससे नई संहिता को लागू करने का काम एक अंतिम दिन की कसरत बनने से बच सकता है।
स्रोत
- SEBI Intermediaries Second Amendment Regulations 2026 — SEBI। प्रारंभ नियम 2 और अध्याय IIID में Regulations 16G 16H और 16K
यह सामान्य कानूनी जानकारी है। किसी विशेष मामले में संबंधित दस्तावेज, वर्तमान कानून और लागू अधिसूचनाएँ देखकर सलाह लें।