विश्वविद्यालय की अपनी प्रशासनिक या लिपिकीय चूक का प्रतिकूल परिणाम उस छात्र पर नहीं डाला जाना चाहिए जिसकी उसमें कोई भूमिका नहीं थी। प्रवेश और पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने के पर्याप्त प्रमाण हों तो प्रवेश प्रकटीकरण सूची में नाम का छूटना अपने-आप शैक्षणिक सत्यापन रोकने का आधार नहीं है। विश्वविद्यालय के अपने रिकॉर्ड में अंकों की विसंगति, जब छात्र के उत्तीर्ण होने पर विवाद न हो, रिकॉर्ड सत्यापन से सुलझाई जा सकती है।
Court: The Supreme Court of India
Case Name: MOHD. ASAD CHOUDHARY VS. STATE OF HIMACHAL PRADESH
Case Number: Civil Appeal arising out of SLP (C) No. 474 of 2026
Case-number verification: निर्णय-पाठ में Civil Appeal का क्रमांक रिक्त है और अपील को SLP (C) No. 474 of 2026 से उत्पन्न बताया गया है। मेटाडेटा में दिया C.A. No. 13767/2026 निर्णय-पाठ से पुष्ट नहीं होता।
Bench: माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, माननीय न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और माननीय न्यायमूर्ति संदीप मेहता
Neutral Citation: 2026 INSC 1127
Decision Date: 2026-10-14
मामला क्या था?
अपीलकर्ता ने Manav Bharti University से B.Tech (Civil Engineering) पाठ्यक्रम पूरा किया और उसे सभी सेमेस्टरों के Detailed Marks Certificates तथा डिग्री जारी हुई। जम्मू-कश्मीर में Sub-Inspector के रूप में उसकी नियुक्ति का सत्यापन विश्वविद्यालय की पुष्टि पर निर्भर था, लेकिन विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में उसके 7वें और 8वें सेमेस्टर के अंकों में अंतर था और उसका नाम HP-PERC को भेजी गई admission disclosure list में नहीं था। विश्वविद्यालय ने कहा कि सूची से नाम छूटना उसकी पूर्व प्रशासनिक टीम की लिपिकीय गलती थी। हाई कोर्ट ने छात्रों को सक्षम न्यायालय जाने के लिए छोड़ दिया था।
मुख्य कानूनी प्रश्न
क्या विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रकटीकरण सूची में अपनी ही गलती से छात्र का नाम न होना और विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में अंकों की विसंगति, उसके प्रवेश, परीक्षा उत्तीर्ण करने और डिग्री प्राप्त करने की पुष्टि के बावजूद, शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के सत्यापन को रोकने तथा उसे सक्षम न्यायालय जाने के लिए बाध्य करने का आधार हो सकता है?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने माना कि उपलब्ध दस्तावेज़ों और विश्वविद्यालय तथा समिति के बयानों से अपीलकर्ता का वैध प्रवेश, सभी परीक्षाएँ उत्तीर्ण करना और डिग्री प्राप्त करना स्थापित था। प्रवेश सूची में विश्वविद्यालय की अपनी गलती का दुष्परिणाम छात्र पर नहीं डाला जा सकता और वह शैक्षणिक सत्यापन रोकने का आधार नहीं है। अंकों की विसंगति सीमित रूप से विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड का सत्यापन करके सुलझाई जा सकती थी; इसके लिए अपीलकर्ता को सक्षम न्यायालय भेजना उचित नहीं था। अपील स्वीकार की गई।
न्यायालय की प्रमुख reasoning
विश्वविद्यालय ने स्वीकार किया कि अपीलकर्ता का नाम उसके प्राथमिक Green Sheet Register में दर्ज था, वह आवंटित सीट पर प्रवेश लेकर सभी आठ सेमेस्टरों में उत्तीर्ण हुआ और उसे संबंधित प्रमाण-पत्र दिए गए। प्रवेश प्रकटीकरण सूची में नाम न होना विश्वविद्यालय ने अपनी लिपिकीय गलती बताया। 7वें और 8वें सेमेस्टर के अंकों के दो अलग-अलग सेटों में से सही अंक तय करने का प्रश्न विश्वविद्यालय के मूल परिणाम रिकॉर्ड की जाँच से हल हो सकता था। दोनों सेटों में परिणाम ‘pass’ था और किसी पक्ष ने अपीलकर्ता के पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने पर विवाद नहीं किया।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- विश्वविद्यालय की अपनी प्रशासनिक या लिपिकीय चूक का प्रतिकूल परिणाम उस छात्र पर नहीं डाला जाना चाहिए जिसकी उसमें कोई भूमिका नहीं थी।
- प्रवेश और पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने के पर्याप्त प्रमाण हों तो प्रवेश प्रकटीकरण सूची में नाम का छूटना अपने-आप शैक्षणिक सत्यापन रोकने का आधार नहीं है।
- विश्वविद्यालय के अपने रिकॉर्ड में अंकों की विसंगति, जब छात्र के उत्तीर्ण होने पर विवाद न हो, रिकॉर्ड सत्यापन से सुलझाई जा सकती है।
- जहाँ शेष प्रश्न सीमित रिकॉर्ड-जाँच का हो और छात्र से अतिरिक्त साक्ष्य अपेक्षित न हों, उसे केवल इस कारण सक्षम न्यायालय जाने के लिए बाध्य करना आवश्यक नहीं है।
इस निर्णय का व्यावहारिक प्रभाव
राज्य को समिति के पास उपलब्ध 7वें और 8वें सेमेस्टर के परिणाम रिकॉर्ड विश्वविद्यालय को देने का निर्देश दिया गया। विश्वविद्यालय को सही रिकॉर्ड के आधार पर संशोधित Detailed Marks Certificates और आवश्यक परिणामी दस्तावेज़ जारी करके तीन सप्ताह में अपीलकर्ता के नियोक्ता को सत्यापन रिपोर्ट भेजनी है। सत्यापन मिलने के बाद नियोक्ता से चार सप्ताह के भीतर वेतन-बकाया और परिणामी लाभ जारी करने की अपेक्षा व्यक्त की गई।
Source check: निर्णय-पाठ में इसे NON-REPORTABLE कहा गया है।
Original Judgment / Source: The Supreme Court of India — Official Judgment PDF