Section 195(1) CrPC में Section 125-A, Representation of the People Act, 1951 शामिल नहीं है। Section 125-A के कथित अपराध के लिए निजी व्यक्ति Section 200 CrPC के तहत शिकायत कर सकता है। न्यायालय ने Section 125-A को Section 195(1) की रोक में न्यायिक व्याख्या से जोड़ने से इनकार किया।
Court: The Supreme Court of India
Case Name: RAJKUMAR MADKI VS. SHAILENDRA BELDALE
Case Number: Criminal Appeal No. 3387 of 2026
Bench: माननीय न्यायमूर्ति Dipankar Datta और माननीय न्यायमूर्ति Sheel Nagu
Neutral Citation: 2026 INSC 1138
Decision Date: 2026-10-16
मामला क्या था?
अपीलकर्ता ने आरोप लगाया कि कर्नाटक विधानसभा के निर्वाचित सदस्य प्रतिवादी ने नामांकन के साथ दिए गए हलफनामे में अपने आवासीय पते के बारे में झूठी जानकारी दी। उसने Section 125-A, Representation of the People Act, 1951 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष निजी शिकायत दर्ज की। कर्नाटक हाई कोर्ट ने यह कहते हुए शिकायत से जुड़ी कार्यवाही रद्द की कि शिकायत केवल संबंधित सार्वजनिक अधिकारी द्वारा की जा सकती है।
मुख्य कानूनी प्रश्न
क्या Representation of the People Act, 1951 की Section 125-A के तहत उम्मीदवार के विरुद्ध कथित अपराध की निजी शिकायत पर Code of Criminal Procedure, 1973 की Section 195(1) की रोक लागू होती है, या ऐसी शिकायत कोई निजी व्यक्ति Section 200 CrPC के तहत दर्ज करा सकता है?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Section 195(1) CrPC की रोक Section 125-A, Representation of the People Act, 1951 के तहत अपराध की निजी शिकायत पर लागू नहीं होती। इसलिए ऐसा अपराध आरोपित करने वाली निजी शिकायत Section 200 CrPC के तहत दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस मामले में हाई कोर्ट द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही बंद करने का निर्णय अलग आधार पर कायम रखा गया: उपलब्ध दस्तावेजों के मद्देनज़र आरोप प्रथमदृष्टया प्रभावी रूप से खंडित था और दोषसिद्धि की संभावना दूरस्थ थी। अपील का निस्तारण किया गया।
न्यायालय की प्रमुख reasoning
Section 195(1) CrPC का पाठ उन निर्दिष्ट IPC अपराधों—Sections 172 से 188—और उनसे संबंधित कुछ अपराधों के लिए न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने पर रोक लगाता है; इसमें Section 125-A का उल्लेख नहीं है। न्यायालय ने माना कि Section 125-A वर्ष 2002 में जोड़ी गई थी और Section 195 में उसके बाद संशोधन हुआ, फिर भी विधायिका ने Section 125-A को उस रोक में शामिल नहीं किया। इस चूक को जानबूझकर किया गया मानना उचित है। Section 125-A में दंड का प्रावधान अन्य कानूनों में किसी बात के होते हुए भी लागू होने की भाषा में है और किसी अन्य प्रावधान में यह नहीं कहा गया कि इस अपराध की शिकायत केवल सार्वजनिक अधिकारी ही कर सकता है। चुनाव आयोग की प्रेस नोट या दिशानिर्देश वैधानिक व्याख्या में न्यायालयों को बाध्य नहीं करते।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- Section 195(1) CrPC में Section 125-A, Representation of the People Act, 1951 शामिल नहीं है।
- Section 125-A के कथित अपराध के लिए निजी व्यक्ति Section 200 CrPC के तहत शिकायत कर सकता है।
- न्यायालय ने Section 125-A को Section 195(1) की रोक में न्यायिक व्याख्या से जोड़ने से इनकार किया।
- चुनाव आयोग के दिशानिर्देश या प्रेस नोट वैधानिक प्रावधानों की न्यायिक व्याख्या को बाध्य नहीं करते।
- कानूनी प्रश्न पर हाई कोर्ट का आधार गलत होने के बावजूद, इस मामले में कार्यवाही बंद करने का परिणाम अलग तथ्यात्मक आधार पर कायम रखा गया।
इस निर्णय का व्यावहारिक प्रभाव
Section 125-A के तहत झूठे चुनावी हलफनामे का आरोप लगाने वाला निजी व्यक्ति मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत कर सकता है; शिकायत दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग या किसी सार्वजनिक अधिकारी की शिकायत अनिवार्य नहीं है। इससे शिकायत अपने-आप सफल नहीं होती: मजिस्ट्रेट तथ्यों के अनुसार उचित आदेश दे सकता है, और इस मामले में उपलब्ध सामग्री के आधार पर कार्यवाही बंद रखने का परिणाम कायम रहा।