सीधा जवाब: गलत पते पर नोटिस जाने की स्थिति में केवल ‘मुझे नोटिस मिला नहीं’ कहना हमेशा पर्याप्त नहीं। नोटिस किस पते पर भेजा गया, वही पता आरोपी का सही/प्रचलित पता था या नहीं, पोस्टल रिकॉर्ड और लागू deemed-service सिद्धांत महत्वपूर्ण होते हैं।
कानूनी क्रम: चेक का वैध प्रस्तुतीकरण, dishonour की सूचना मिलने के बाद निर्धारित अवधि में लिखित मांग नोटिस, नोटिस के अनुसार भुगतान की अवधि और उसके बाद शिकायत दाखिल करने की statutory limitation—प्रत्येक तारीख अलग नोट करें। NI Act धारा 138 तथा 142 की शर्तें मूल पाठ से मिलाएँ। सामान्यतः bank intimation से 30 दिन में demand notice और नोटिस प्राप्त होने से 15 दिन की भुगतान अवधि का प्रश्न होता है; सेवा संबंधी तथ्य-विवाद को इन समयसीमाओं से अलग देखें।
प्रमाण: envelope, speed-post tracking, return endorsement, agreement में दर्ज पता, KYC, पूर्व पत्राचार, बदले हुए पते की सूचना और समन का विवरण। शिकायतकर्ता ने किस जानकारी के आधार पर पता चुना, यह भी जाँचें।
उपाय: संबंधित अदालत में तथ्यों और law of service के अनुसार उचित defence; साथ ही underlying debt, signature, presentation और statutory presumptions के अलग प्रश्न। केवल address point के कारण पूर्ण acquittal की गारंटी नहीं है।
कानून के मूल पाठ की जाँच के लिए India Code देखें।