सीधा जवाब: खाता freeze होने पर सबसे पहले यह पता करें कि रोक किस प्राधिकरण के अनुरोध पर, किस FIR/शिकायत के संबंध में और कितनी संदिग्ध राशि के लिए लगी है। पूरे खाते की रोक और केवल disputed amount पर lien का कानूनी तथा व्यावहारिक प्रभाव अलग है।
बैंक से लिखित विवरण लें: freeze/lien की तारीख, शिकायत/reference number, agency, रोक की राशि और उपलब्ध order/communication। बैंक हर पुलिस दस्तावेज की प्रति देने की स्थिति में हो, यह आवश्यक नहीं; फिर भी लिखित कारण और उचित grievance channel महत्वपूर्ण हैं।
धन का स्रोत दिखाएँ: व्यापार का हिसाब, invoices, GST/ITR, ग्राहक भुगतान, बैंक statement और संदिग्ध transaction की entry अलग चिन्हित करें। अपने व्यवसाय/जीविका को हुए वास्तविक नुकसान का रिकॉर्ड रखें। पैसा किसी अनजान व्यक्ति से आया हो तो उसके स्रोत को बिना प्रमाण निर्दोष बताने के बजाय जाँच में सहयोग करें।
कहाँ जाएँ? बैंक grievance और संबंधित जाँच agency से representation, फिर facts और jurisdiction के अनुसार सक्षम अदालत में उचित relief। क्या संपूर्ण खाते की रोक आवश्यक है या विवादित राशि तक सीमित उपाय संभव है—यह न्यायिक परीक्षण का प्रश्न है, स्वतः अधिकार नहीं।
कानून के मूल पाठ की जाँच के लिए India Code देखें।