सीधा जवाब: अग्रिम जमानत आदेश की वास्तविक भाषा सबसे महत्वपूर्ण है। वह किस FIR, किन अपराधों, किस अवधि और किन शर्तों पर लागू है, पहले यही पढ़ें। अग्रिम जमानत किसी भी भविष्य के अपराध या हर नई FIR के लिए सार्वभौमिक सुरक्षा नहीं है।
आदेश मिलने के बाद दायित्व: जाँच में कानूनी रूप से अपेक्षित सहयोग, गवाहों को प्रभावित न करना, साक्ष्य नष्ट न करना और कोर्ट द्वारा लगाई गई विशेष शर्तों का पालन आवश्यक है। यदि अभियोजन शर्तों के उल्लंघन या अन्य वैधानिक आधार पर cancellation माँगता है, तो उसका अलग न्यायिक परीक्षण होगा। हर आरोप अपने-आप cancellation नहीं बन जाता।
गिरफ्तारी की आशंका पर: आदेश की प्रमाणित प्रति, FIR विवरण और शर्तों के पालन का रिकॉर्ड रखें। पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों, नोटिस और उपस्थितियों का रिकॉर्ड बनाएँ। यदि नए अपराध जोड़े गए हों, अलग FIR बनी हो या आदेश की समयसीमा विवादित हो, तो तत्काल आदेश की सीमा पर कानूनी राय लें।
उदाहरण: एक व्यक्ति को FIR A में protection मिला है। बाद में FIR B दर्ज होती है। FIR A का आदेश स्वतः FIR B पर लागू मानना सुरक्षित नहीं।
कानून के मूल पाठ की जाँच के लिए India Code देखें।